Goa Chief Minister Dr. Pramod Sawant Inaugurates All India Politicians’ Conference
Posted on July 19, 2026 By admin | Source: Politicians Wing Brahma Kumaris
आबू राज (ज्ञान सरोवर) 11जुलाई 2026.
आज ज्ञान सरोवर के हार्मनी हाल में ब्रह्मा कुमारीज की भगिनी संस्था राजयोग एजुकेशन & रिसर्च फाउंडेशन के राजनीतिक सेवा प्रभाग द्वारा एक अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से करीब 400 राजनेताओं और कार्यकर्ताओं नेभाग लिया.इस सम्मेलन का विषय था, शांतिपूर्ण समाज के लिए राजनीति में आध्यात्मिकता.गोवा के मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रमोद सावंत ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया.दीप प्रज्वलन द्वारा इस सम्मेलन का उद्घाटन संपन्न हुआ.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा उद्घाटन कर्ता गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कार्यक्रम में शामिल होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की. आपने कहा कि हम पॉलीटिशियंस हैं और हम कोई भी कार्य तब तक नहीं करते जब तक कि हम उसके फायदे को लाभ को नहीं जान लेते. आज के इस सम्मेलन में हम आध्यात्मिकता की शिक्षा प्राप्त करने आए हैं. जब तक राजनीतिज्ञ के जीवन में यह पांच बातें नहीं होगी उनको सफलता नहीं मिलेगी. वे पांच बातें हैं विश्वास, आत्मविश्वास,क्षमताएं, चरित्र और प्रतिबद्धता.जीवन में सब कुछ आध्यात्मिकता से ही प्राप्त होगा. राजनीतिक के लोगों को समाज के लिए काम करना होगा काम करना चाहिए.
मन में सबसे पहले नेशन फर्स्ट की भावना रखनी होगी समाज में शांति तभी आएगी.
राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग की अध्यक्ष राजयोगिनी लक्ष्मी बहन ने अपना उद्गार प्रकट किया. आपने राजनेताओं को समाज का आधार मूर्त और उद्धार मूर्त बताया. ओम शांति रिट्रीट सेंटर के निदेशक राज योगिनी आशा दीदी ने आज के सम्मेलन के मुख्य थीम पर प्रकाश डाला. आपने कहा कि एक समय था जब पूरा विश्व ही भारत था दुनिया में और कोई अन्य देश नहीं थे. उस भारत में देवी और देवताओं का वास था.देवताएं डबल ताज धारी थे अर्थात् आध्यात्मिक सत्ता और राज सत्ता दोनों ही उनके पास थी. उस राम राज्य में राजा और प्रजा दोनों एक समान थे आपस में प्रेम था.आध्यात्मिकता को अपनाए बिना पॉलीटिशियंस राज सत्ता का सदुपयोग नहीं कर सकेंगे.आपने कहा कि पॉलीटिशियंस को अपने जीवन में पांच चीज अपनाने की जरूरत है. कनविक्शन ,कॉन्फिडेंस, कॉम्पिटेंस ,करैक्टर और कमिटमेंट. इन सभी मूल्य पर उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला और प्रकाशित किया कि आध्यात्मिकता को अपनाये बिना राजनेता अथवा कोई भी जीवन में सफलता को प्राप्त नहीं कर सकते. जब तक एक दूसरे के लिए भाई-भाई का नजरिया नहीं होगा पीसफुल समाज नहीं बना सकता.खुद के परिवर्तन से ही हम जग को परिवर्तित कर सकेंगे.
तेलंगाना सरकार में केंद्रीय मंत्री दसारी अनुसूया ने अपनी भावनाएं सम्मेलन के समक्ष प्रकट की. नारी सशक्तिकरण की आप एक प्रतिमूर्ति हैं. आपने अपने जीवन की शुरुआत नक्सलवाद की शरण में जाकर किया. हृदय परिवर्तन होने पर आपने नक्सलवाद को अलविदा कह कर अपनी शिक्षा की शुरुआत की.
राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग की उपाध्यक्ष राज योगिनी उषा दीदी ने सम्मेलन में पधारे हुए लोगों को राजयोग का गहन अभ्यास कराया और सभी को शांति ,आनंद की अनुभूति करवाई.राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग की सक्रिय सदस्य,दिल्ली से पधारी हुई राजयोगिनी सपना बहन ने आज के सम्मेलन का संचालन किया.
(रपट: बी के गिरीश, मीडिया ,ज्ञान सरोवर)
ब्रह्माकुमारीज़ का मैनेजमेंट सराहनीय है: डॉ. सावंत
– गोवा के मुख्यमंत्री ने किया शांतिवन का अवलोकन
– अव्यक्त लोक में दादी गुलजार को अर्पित की श्रद्धांजली, सोलार किचिन का किया अवलोकन
आबूरोड। दो दिवसीय प्रवास पर माउंट आबू- आबूरोड पहुंचे गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने शनिवार को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय शांतिवन का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी (गुलजार दीदी) के स्मृति स्तंभ अव्यक्त लोक पहुंचकर श्रद्धांजली अर्पित की। इसके बाद शिव भोलानाथ का भंडारा (सोलार किचिन) पहुंचे, जहां सोलार तकनीक से भोजन बनने की प्रक्रिया को समझा। वहीं दादी कॉलेज मेें अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। दीदी ने मुख्यमंत्री का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिंहृ भेंटकर सम्मान किया।
इस दौरान अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा सामाजिक कल्याण के लिए की जा रही सेवाओं के बारे में बताया। वरिष्ठ राजयोगी बीके प्रकाश भाई ने शांतिवन की व्यवस्था के बारे में बताया। मेडिकल विंग के सचिव डॉ. बनारसी लाल ने विंग द्वारा चलाए जा रहे दस करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा अभियान की जानकारी दी।
अव्यक्त लोक में दादी गुलजार की निज सचिव रहीं बीके नीलू दीदी ने मुख्यमंत्री सावंत को बताया कि दादी का पूरा जीवन सादगी, सरलता और दिव्यता की मिसाल रहा। दादी को बचपन से ही दिव्य दृष्टि का वरदान था। वर्ष 1969 में संस्थापक ब्रह्मा बाबा के अव्यक्त होने के बाद आपने वर्ष 2017 तक 50 साल तक परमात्म संदेशवाहक बनकर लाखों लोगों को परमात्म ज्ञान दिया। दादी की तपस्या का कमाल था कि उनके संपर्क में आना वाला हर कोई दिव्य अनुभूति करता था।
सोलार किचिन में समझी भोजन बनाने की प्रक्रिया-
बड़े भंडारे में बीके राजशेखर भाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां पूरा भोजन ब्रह्माकुमार भाई-बहनों द्वारा तैयार किया जाता है। सब्जी कटिंग से लेकर धुलाई, सब्जी बनाने, दाल-चावल, रोटी बनाने में पूरी तरह से हाईजीन का ध्यान रखा जाता है। यहां ब्रह्माकुमारीज़ से जुड़े सदस्य नि:शुल्क रूप से सेवाएं प्रदान करते हैं। इस दौरान शिक्षा प्रभाग की मुख्यालय संयोजिका बीके शिविका बहन भी मौजूद रहीं। जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी भी सुरक्षा में तैनात रहे।